(राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रामाशीष राय )
INDJP
भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता पार्टी
डॉ रामाशीष राय जी का, 51 वर्षों का राजनीतिक सफर
श्री रामाशीष राय का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हो गया था 1974-1975 मै महंगाई भ्रष्टाचार को लेकर छात्र किसान जवान सड़को पर थे विद्यार्थी शिक्षक सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलन में जुड़े थे उन्हीं के संपर्क से इनकी जीवन की धारा राजनीति की तरफ मुड़ गई।
श्री राय मूलतःकिसान परिवार में पले बढ़े और कृषि कार्य से जुड़े रहे प्राथमिक शिक्षा गांव के पास में प्राइमरी पाठशाला धर्मचौरा और हाई स्कूल आयार्य नरेन्द्र देव इंटेरकोल पथरदेवा से पास किए वी. ए संतबीनोवा कॉलेज देवरिया और राजनीतिक शास्त्र से एम.ए गोरखपुर विश्वविद्यालय से पास किया। श्री रामाशीष राय के पिता श्री पौहारी राय और माता त्रेतावती देवी कृषि और घरेलू महिला रही दादा श्री समेश्वर राय आज़ाद हिन्द फौज में 7न0 गोरिल्ला ब्रिगेड मै सैनिक थे।
1975 के आपात कल के दिनों में श्री राय छात्र युवा वाहिनी से जुड़े और विद्यार्थियों के साथ कार्य किया 1977 लोकसभा चुनाव में सक्रिय भागीदारी किया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और अटल विहारी वाजपेई चौधरी चरण सिंह से प्रभावित रहे जनता पार्टी के नेताओं ने 1978 में जनता युवा मोर्चा का ब्लॉक अध्यक्ष बना दिया वही से उनकी जीवन की दिशा बदल गई ।
1980 में जनता पार्टी बिखर गई श्री अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व भाषण शैली से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी में जुड़े और ब्लॉक महामंत्री बनाए गये ब्लॉक में सक्रियता के कारण 1982 में भाजपा का ब्लॉक अध्यक्ष चुने गये और ब्लॉक में अथक परिश्रम कर संगठन को मजबुत किया फिर नेताओं के संपर्क और उन के सानिध्य से उत्तरोत्तर संगठन में आगे बढ़ते गये उन्हीं की कुशल रणनीति एवं कार्य से तत्कालीन कसया विधानसभा में भाजपा जीती जिसमें 90% वोट पथरदेवा ब्लॉक से मिला था ।
श्री राय के संगठन कार्यशाली ईमानदारी परिश्रम को देखते हुए इन्हें पार्टी श्री नारायण उर्फ भूलईबाई का जिला मंत्री, और 1984 मैं रबिन्द प्रताप सिंह ने युवा मोर्चा का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया,1987 प्रदेश उपाध्यक्ष और 1988 महामंत्री तथा 1991 मैं प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया पूरे प्रदेश में सक्रियता के कारण इन्हें 1991 में फाजिलनगर से पार्टी ने स्वयं चुनाव लड़ने के लिए फैसला किया किंतु किसी कारण वर्ष टिकट वापस कर दिया ।
1993 में रामाशीष राय को फाजिल नगर से टिकट मिला, चुनाव शानदार तरीके से लड़े किन्तु पार्टी के नेताओं के भीतरघात से तीन हजार से चुनाव हार गए।1996 में पूरी तैयारी चुनाव की थी, किन्तु टिकट दिल्ली से कट गया फिर इन्हें 1997 में विधान-परिषद में राज्यपाल द्वारा मनोनीत किया गया, जिसमें कल्याण सिंह, कलराज मिश्र, लालकृष्ण और सुश्री उमाभारती की भूमिका प्रमुख रही। 1993 में आप भाजयुमो के राष्ट्रीय सचिव और 1996 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा 1998 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. कुशाभाऊ ठाकरे ने मनोनीत किया जो अक्टूबर 2000 तक रहे और अपना चार्ज श्री शिवराज चौहान को सौंप । 2002 में उ.प्र. में विधान सभा चुनाव में श्री राय को न तो टिकट दिया न ही संगठन में कोई पद दिया न कोई जिम्मेदारी दी गई। पार्टी की गुटबाजी के शिकार श्री राय को होना पड़ा।
2002 – 2003 में केंद्रीय नेतृत्व के कुछ बडे नेताओं के कहने पर भाजपा व सपा ।सरकार के विरुद्ध संघर्ष का मोर्चा खोला और भाजपा बचाओ समिति बनाया, 24 विधायकों के साथ भाजपा बचाओ मोर्चा ने प्रदेश की सरकार को झुका दिया था जिसके कारण पार्टी से निष्कासित हुए।
4 अगस्त 2003 में सरकार को संकट में डालने के लिए जिम्मेदार मानते हुए भाजपा ने श्री राय को 6 वर्षों के लिए पार्टी से बाहर कर दिया। 2004 लोकसभा में श्री राय को कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव में टिकट दिया जिसे अपने सीमित साधनों के सहारे 16,000 वोट प्राप्त किया। श्री रामाशीष राय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजयुमो के रूप में देश में सर्वाधिक दौरा प्रवास और यात्राएं पदयात्राएं किया जिसमें कोलकाता से कटक और द्वारिका से जम्मू , गुवाहाटी बिहार से बंगाल लेकर असम तक की सीमा सुरक्षा यात्रा प्रमुख रही।
2021 में आप लोकदल से जुड़े और इस शर्त पर कि पार्टी विधान सभा चुनाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में लड़ेगी किंतु पार्टी ने वादा पूरा नहीं कर सकी फिर इन्हें विधान सभा चुनाव के बाद U.P. का पार्टी अध्यक्ष बनाया गया। प्रदेश में संगठन मजबूत किया। प्रमुख मुद्दों, किसानों छात्रों के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहे पार्टी ने दबाव बनाया कि प्रतिक्रिया न देने के लिए इसलिए 7 अगस्त को 20 जुलाई में जो छात्र छात्राओं पर बर्बरतापूर्ण अत्याचार हुए उससे मर्माहत होकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सदस्यता से त्याग पत्र देकर दे दिया। श्री राय लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति और आमूल चूल परिवर्तन के कार्यकर्ता रहे हैं। लोकतंत्र और मूल्यों की राजनीति के प्रति समर्पित देश में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक बदलाव के लिए कार्य किये हैं। और आज भी इसके प्रति सक्रिय है। आज भी राजनीतिक उन्हीं मूल्यों, लोकतांत्रिक संवैधानिक परंपराओं, लोकतंत्र और सामाजिक, आर्थिक बदलाव की राजनीति के लिए भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। आज धन,संप्रदाय, पूंजीवाद की क्रोनोलोजी से देश को मुक्त करने का संकल्प लिया है। राजनीति में सूचिता लाने के लिए प्रयत्नशील हैं।
बदलेगा भारत
बदलेगी राजनीति
हम देश के देश हमारा,
जन जन का हो यह नारा।
“जनता की आवाज़, लोकतंत्र का विश्वास”
भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, सामाजिक न्याय, किसान सम्मान, युवा शक्ति और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को लेकर “भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता पार्टी (INDJP)” एक नई वैचारिक पहल है। यह केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण, चौधरी चरण सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, चन्द्रशेखर और जननायकों के अधूरे सपनों को पूरा करने का एक राष्ट्रीय आंदोलन है।
हमारा उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना मात्र नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जहाँ लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित न रहकर जनता की वास्तविक भागीदारी का माध्यम बने। जहाँ किसान सम्मानित हो, युवा आत्मनिर्भर हो, मजदूर सुरक्षित हो, महिलाएँ सशक्त हों और हर नागरिक को समान अवसर प्राप्त हो।
हमारा संकल्प
भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र की रीढ़ हैं। हम किसानों को उचित मूल्य, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाएँ, कर्ज राहत और कृषि आधारित उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
युवा भारत की ऊर्जा हैं। हम शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण का नेतृत्व देने का संकल्प लेते हैं।
हम लोकतंत्र को परिवारवाद, भ्रष्टाचार और धनबल से मुक्त कर जनबल आधारित राजनीति को बढ़ावा देंगे। हमारा विश्वास है कि राजनीति सेवा का माध्यम होनी चाहिए, सत्ता का नहीं।
एक ऐसा भारत जहाँ विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न हो, बल्कि गाँव-गाँव तक पहुँचे। जहाँ सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव के साथ आधुनिक भारत का निर्माण हो।
लोकतंत्र और संविधान सर्वोपरि
राष्ट्रहित सर्वोच्च
किसान, युवा और मजदूर केंद्र में
भ्रष्टाचार मुक्त शासन
सामाजिक न्याय और समान अवसर
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष बल
भारतीय संस्कृति और सभ्यता का संरक्षण
“जनता की पार्टी, जनता के साथ”
“धनबल नहीं, जनबल की राजनीति”
“आओ मिलकर जे.पी. के सपनों का भारत बनाएं”
क्योंकि यह केवल एक पार्टी नहीं, बल्कि देश के हर उस नागरिक की आवाज़ है जो ईमानदार राजनीति, पारदर्शी शासन और राष्ट्रहित की राजनीति चाहता है। यह उन युवाओं का मंच है जो बदलाव चाहते हैं। यह उन किसानों का संकल्प है जो सम्मान चाहते हैं। यह उन नागरिकों की उम्मीद है जो मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखते हैं।